भ्रष्टाचार के खिलाफ आज़ादी की दूसरी लड़ाई लड़ने का ऐलान करने वाले तथाकथित गांधीवादी अन्ना हजारे की टीम के मुखिया और खुद को सिविल सोसायटी कहने वाले स्वयं कितने ईमानदार हैं? यह सवाल पिछले कई दिनों से उठता रहा है. सरकारी एजेंसियों ने टीम अन्ना को कुछ नोटिस जारी किये तो अन्ना जी धमकी देने लगे कि उन्हें दूसरे रास्ते अपनाने पड़ेंगे. लेकिन अन्ना अनशन तमाशा को संचालित करने वाली “India Against Corruption ” स्वयम आर टी आई के सीधे सीधे जवाब नहीं देती. सूचना के अधिकार पर काम करने वाले जाने – माने सामाजिक कार्यकर्ता अफरोज आलम साहिल ने जब India Against Corruption से जब आर टी आईके तहत सवाल पूछे तो जो जवाब दिए गए उन्हें देखकर तो सरकारी बाबू भी दांतों तले उंगली चबा लें.
भ्रष्टाचार के खिलाफ आज़ादी की दूसरी लड़ाई लड़ने का ऐलान करने वाले तथाकथित गांधीवादी अन्ना हजारे की टीम के मुखिया और खुद को सिविल सोसायटी कहने वाले स्वयं कितने ईमानदार हैं? यह सवाल पिछले कई दिनों से उठता रहा है. सरकारी एजेंसियों ने टीम अन्ना को कुछ नोटिस जारी किये तो अन्ना जी धमकी देने लगे कि उन्हें दूसरे रास्ते अपनाने पड़ेंगे. लेकिन अन्ना अनशन तमाशा को संचालित करने वाली “India Against Corruption ” स्वयम आर टी आई के सीधे सीधे जवाब नहीं देती. सूचना के अधिकार पर काम करने वाले जाने – माने सामाजिक कार्यकर्ता अफरोज आलम साहिल ने जब India Against Corruption से जब आर टी आईके तहत सवाल पूछे तो जो जवाब दिए गए उन्हें देखकर तो सरकारी बाबू भी दांतों तले उंगली चबा लें.
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