08 दिसंबर 2010

"देश की राजनेता और संसद "

संसद का अधिवेशन चल रहा है ,लेकिन १८ दिन से संसद में अचल अवस्था चल रहा है , इससे देश का कितना कडोर रुपया बर्बाद हो रहा है , ये सब हमारे देश की आम आदमी का पैसा है , इन लोगों को तो सिर्फ अपनी  अपनी उल्लू सीधा करने में जुटे हैं , सत्ता पक्ष और विपक्ष की मूंछ की लड़ाई बन कर रह गई है , कोई हल निकलने का नाम ही नहीं है , जब इनके मासिक भत्ता का सवाल आता है उसमे ये सभी लोग एक जुट हो जाते हैं , और देश की जनता या देश की सवाल आता है तो अपनी  अपनी राग अलापते रहते हैं, ऐसा कितना दिन तक और चलेगा , देश की जनता आप लोगों से जवाब मांगती है|   

3 टिप्‍पणियां:

  1. ye hamri desh ki bidambana hi kahi jaygi, jologon ke pas paisa hai velog apne kale dhan ko swish bank me jama kara dete hain, unko lane ke liye kitne bade bade neta, baba log halla karte rahe ,vote khatam huye karib 2 saal hone ko hai firbhi koi ata pata hi nahi hai,

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